बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को अपने कमरे में बेहोश मिली थी। गंभीर हालत में उसे एक के बाद एक तीन अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान 9 जनवरी को उसकी मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन की कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में “कानून का जनाजा निकल चुका है।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार निर्मम, क्रूर और अमानवीय बन चुकी है, जहां बेटियां और छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इस मामले को सत्ता संरक्षित अपराध का उदाहरण बताया।
तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि हॉस्टल में कथित दरिंदगी की शिकार छात्रा को आखिर कब न्याय मिलेगा और बिहार में बलात्कार की घटनाएं कब रुकेंगी। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि अपराधियों पर कार्रवाई के बजाय विरोध करने वालों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है।राजद नेताओं का कहना है कि मधेपुरा, खगड़िया और पटना जैसी घटनाएं इस बात का सबूत हैं कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। फिलहाल छात्रा की मौत को लेकर जांच जारी है, लेकिन विपक्ष सरकार से जवाबदेही और न्याय की मांग कर रहा है।

