पटना से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सीबीआई ने रेलवे परियोजना में फैली घूसखोरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को पटना, रोहतास के डेहरी ऑन सोन समेत 12 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर 45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में निजी निर्माण कंपनी से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों समेत 11 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
सीबीआई ने इस मामले में एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनूप सिंह, सहायक महाप्रबंधक गौरव कुशवाहा, अकाउंटेंट आकाश पात्रा और धीरज विरमानी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रेलवे परियोजनाओं में निर्माण कार्य के बिल भुगतान को मंजूरी दिलाने के बदले लाखों रुपये की रिश्वत दी जा रही थी। छापेमारी के दौरान पूर्व मध्य रेलवे के महेंद्रूघाट स्थित निर्माण कार्यालय से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार चारों आरोपियों को पटना स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने सभी को सात दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था और कई अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी सीबीआई के रडार पर हैं। इस मामले की जांच सीबीआई पटना की डीएसपी रूबी चौधरी को सौंपी गई है। आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नामों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

