बिहार बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 32 अहम एजेंडों को मंजूरी दी गई। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र छात्राओं को मिलने वाली प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति को लेकर लिया गया है। सरकार ने इस छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है जो वित्तीय वर्ष 2025 26 से लागू होगा।
गौरतलब है कि प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति की दरें वर्ष 2011 के बाद से अब तक नहीं बदली गई थीं। करीब 14 से 15 साल बाद सरकार ने महंगाई और बढ़ते शैक्षणिक खर्चों को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत सरकारी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले SC ST वर्ग के छात्रों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली बाधाएं कम होंगी।
छात्रवृत्ति की नई दरें (सालाना) कैबिनेट के फैसले के बाद अब छात्रवृत्ति का ढांचा इस प्रकार होगा :
कक्षा 1 से 4 तक के छात्र: ₹1200 सालाना ।
कक्षा 5 से 6 तक के छात्र: ₹2400 सालाना ।
कक्षा 7 से 10 तक के छात्र: ₹3600 सालाना ।
छात्रावासी (Class 1-10): ₹6000 सालाना ।
राज्य सरकार के इस निर्णय से बिहार के लगभग 27 लाख छात्र छात्राओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए सरकार ने 519.64 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। कैबिनेट बैठक में शिक्षा के साथ साथ बुनियादी ढांचा स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना और ड्रॉपआउट दर में कमी लाना है।

