पटना। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की यह कार्रवाई 6 फरवरी 2026 की रात पटना स्थित उनके आवास पर हुई, जहां काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव पुलिस के साथ जाने को तैयार नहीं थे और अपने वकील को बुलाने की मांग कर रहे थे, जिसके बाद हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और खुद एसपी भानु प्रताप मौके पर पहुंचे।
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी लड़ाई न्याय के लिए है और उन्हें आशंका है कि उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस सिविल ड्रेस में उनके घर पहुंची, जिससे उन्हें डर लगा कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि वे सीधे कोर्ट जाने को तैयार हैं, न कि थाने, और अगर जरूरी हो तो उन्हें हाउस अरेस्ट किया जा सकता है। उनका दावा है कि जिस मामले में गिरफ्तारी हुई है, वह करीब तीन दशक पुराना है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पप्पू यादव को सीधे पटना के बेली रोड स्थित आईजीआईएमएस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। अस्पताल में उनके समर्थक भी पहुंच गए, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। मेडिकल जांच के बाद पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुट गई है।पटना शहर के एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह 1995 का मामला है, जो पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज था और अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) में परिवर्तित हो चुका है। इस केस में धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी लगाई गई हैं। यह मामला गर्दनीबाग थाने से संबंधित है।

