पटना। जनगणना 2027 को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्यभर में जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया 45 दिनों की अवधि में पूरी होगी और इसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा संचालित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से जनगणना शुरू करने की योजना बनाई है। इस जनगणना में हर परिवार की स्थिति और घर की सुविधाओं की जानकारी के साथ-साथ जातिगत आंकड़े (Caste Census) शामिल किए जा सकते हैं, जो बिहार सहित पूरे देश में लागू होगा। इसे 2025-2030 के “विकसित बिहार” रोडमैप और सात निश्चय-3 के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना का पहला चरण स्व-गणना के रूप में 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण घर-घर सर्वेक्षण और मकान सूचीकरण का होगा, जो 2 मई से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान राज्य के हर घर तक पहुंचकर जनगणना से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पूरी जनगणना प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कराई जाएगी और इसमें जुटाई जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि जनगणना का कार्य पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि भविष्य की योजनाओं के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकें।

