पटना: बिहार स्टेट उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क़मर मिस्बाही ने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, बिहार पटना के निदेशक को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने आगामी 16 मार्च से 20 मार्च 2026 तक DIET, BIET और PTEC में होने वाले 5 दिवसीय आवासीय शिक्षक प्रशिक्षण को स्थगित करने या कम से कम मुस्लिम शिक्षकों को इससे मुक्त करने की अपील की है।
पत्र में कहा गया है कि वर्तमान में पवित्र रमजान महीना अपने अंतिम पड़ाव में है और 20 मार्च को ईद-उल-फितर (ईद-उल-फित्र) की संभावित तिथि है। ईद मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है, जिसकी तैयारी कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है। ऐसे में इस दौरान आवासीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को भेजना उचित नहीं है, खासकर मुस्लिम शिक्षकों के लिए जो रोजा रखते हैं और परिवार के साथ त्योहार मनाने की तैयारी करते हैं।
क़मर मिस्बाही ने अनुरोध किया है कि रमजान के आखिरी सप्ताह और ईद की संभावित तारीख को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम या तो टाल दिया जाए या मुस्लिम शिक्षकों को इसकी छूट प्रदान की जाए।
इस साल ईद-उल-फितर की तारीख चंद्रमा की साइटिंग पर निर्भर करती है। अधिकांश स्रोतों के अनुसार, भारत में यह शुक्रवार 20 मार्च 2026 या शनिवार 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है। कई अनुमानों में 20 मार्च को मजबूत संभावना बताई गई है, जबकि कुछ जगहों पर 21 मार्च का जिक्र है। रमजान का अंत 18 या 19 मार्च के आसपास होने की उम्मीद है।
यह मुद्दा बिहार के मुस्लिम शिक्षकों के बीच काफी चर्चा में है, क्योंकि आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेना अनिवार्य होता है और त्योहार के समय यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एसोसिएशन की यह अपील राज्य स्तर पर संवेदनशीलता और समावेशी नीति की मांग करती है।

