हाई स्कूल से ही डेक्सटेरिटी ग्लोबल के नैशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NSDP) के अंतर्गत प्रशिक्षित श्रीया लक्काप्रगडा इस वर्ष हार्वर्ड विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित टैटलमैन स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली एकमात्र विद्यार्थी
हैदराबाद:तेलंगाना की 22 वर्षीय श्रीया लक्काप्रगडा को इस वर्ष हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठित 2026 लुईस एंड इडा टैटलमैन स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है। हाई स्कूल के दिनों से ही डेक्सटेरिटी के नैशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NSDP) के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं श्रीया इस वर्ष हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इस प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति के लिए चुनी जाने वाली एकमात्र विद्यार्थी हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार, टैटलमैन स्कॉलरशिप हर वर्ष केवल एक ऐसे उत्कृष्ट विद्यार्थी को प्रदान की जाती है जिसने अपने व्यक्तिगत और शैक्षणिक जीवन की यात्रा में असाधारण दृढ़ता, साहस और विपरीत परिस्थितियों से उबरने की क्षमता का परिचय दिया हो।
श्रीया को भेजे गए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के आधिकारिक छात्रवृत्ति पत्र में कहा गया है, “हमें आपको यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अकादमिक वर्ष 2026-27 के लिए टैटलमैन स्कॉलरशिप हेतु आपका चयन किया गया है। यह छात्रवृत्ति आपके जीवन में दिखाई गई आपकी दृढ़ता और संघर्षशीलता को सम्मानित करती है।” श्रीया के इस उपलब्धि की आधिकारिक घोषणा डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शरद विवेक सागर ने सोशल मीडिया पर की।
वर्ष 1636 में स्थापित, लगभग 400 वर्ष पुरानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और इसे दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय माना जाता है। हार्वर्ड अब तक 8 अमेरिकी राष्ट्रपतियों और 150 से अधिक नोबेल पुरस्कार विजेताओं की शैक्षणिक यात्रा का हिस्सा रहा है, जो दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय के लिए सर्वाधिक है। हार्वर्ड ने पीढ़ियों से प्रभावशाली नेताओं, विद्वानों, वैज्ञानिकों, अरबपतियों और सार्वजनिक जीवन की प्रमुख हस्तियों को तैयार किया है। श्रीया वर्तमान में “डेक्सटेरिटी टू कॉलेज” फेलो के रूप में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं।
2022 में हैदराबाद, तेलंगाना की हाई स्कूल छात्रा के रूप में श्रीया उस समय राष्ट्रीय सुर्खियों में आई थीं जब डेक्सटेरिटी टू कॉलेज फेलो के रूप में उनका चयन अमेरिका के प्रतिष्ठित वेल्सली कॉलेज में मनोविज्ञान में स्नातक की पढ़ाई के लिए 2.7 करोड़ रुपये की पूर्ण छात्रवृत्ति पर हुआ था। वेल्सली कॉलेज की उल्लेखनीय पूर्व छात्राओं में अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी और राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पाने वाली पहली महिला हिलेरी क्लिंटन, अमेरिका की पहली महिला विदेश मंत्री मेडेलीन ऑलब्राइट तथा विश्व राजनीति और व्यवसाय जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, वेल्सली के पूर्व छात्रों में पुलित्जर पुरस्कार, एकेडमी अवॉर्ड और एमी अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने वाली हस्तियां भी शामिल हैं।
वेल्सली कॉलेज में श्रीया ने स्टूडेंट ट्रस्टी के रूप में नेतृत्व किया, उन्हें वहां प्रतिष्ठित ऑलब्राइट फेलो के रूप में चुना गया और उन्होंने भारत के साथ वेल्सली के ऐतिहासिक संबंधों पर अपनी ऑनर्स थीसिस लिखी। कॉलेज में अपने चार वर्षों के दौरान उन्हें अकादमिक उपलब्धियों और नेतृत्व के लिए कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया।श्रीया ने मई 2026 में वेल्सली कॉलेज से स्नातक की पढाई पूरी की और वर्तमान में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं। इस वर्ष की शुरुआत में, डेक्सटेरिटी टू कॉलेज फेलो के रूप में उन्होंने स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए दुनिया के पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों में आवेदन किया था और उन्हें सभी पांचों विश्वविद्यालयों – हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, येल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिला। श्रीया ने अंततः हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जाने करने का निर्णय लिया।
श्रेया हैदराबाद, तेलंगाना में हाई स्कूल की पढाई पर रही थीं जब राष्ट्रीय संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल ने उनकी प्रतिभा की पहचान की और उन्हें विश्वस्तरीय शैक्षणिक अवसरों एवं नेतृत्व प्रशिक्षण के माध्यम से व्यवस्थित रूप से तैयार किया। डेक्सटेरिटी ग्लोबल के नैशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एनएसडीपी) के अंतर्गत “डेक्सटेरिटी टू कॉलेज” फेलो के रूप में प्रणव ने कठोर एवं विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। डेक्सटेरिटी ग्लोबल एक राष्ट्रीय संगठन है जो शैक्षणिक अवसरों और प्रशिक्षण के माध्यम से भारत एवं विश्व के लिए नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने में कार्यरत है। संगठन द्वारा प्रशिक्षित स्कॉलर्स एवं लीडर्स विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों से अब तक ₹300 करोड़ से भी अधिक की छात्रवृत्ति प्राप्त कर चुके हैं और शिक्षा, उद्यमिता तथा नेतृत्व के क्षेत्र में विश्व की अनेक प्रतिष्ठित फेलोशिप, प्रतियोगिताएँ और सम्मान अर्जित किए हैं।
साल 2008 में 16 वर्ष की आयु में शरद विवेक सागर ने राष्ट्रीय संगठन डेक्सटेरिटी ग्लोबल की स्थापना की। पिछले दो दशकों में संगठन से प्रशिक्षित युवाओं ने 50 से अधिक देशों और 5 महाद्वीपों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य महत्वपूर्ण अंतर-राष्ट्रीय पटलों पर युवा राजदूतों के रूप में भारत को आगे रखा है, 5,000 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर-राष्ट्रीय पुरस्कार एवं प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त की है, 1,000 से भी अधिक सामाजिक परियोजनाओं का सृजन किया है और भारत के दूर-दराज़ के क्षेत्रों में सेवक नेतृत्व का उदाहरण बने हैं। अक्टूबर 2024 में डेक्सटेरिटी ग्लोबल को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन द्वारा व्हाइट हाउस आमंत्रित किया गया। डेक्सटेरिटी ग्लोबल के ग्रेजुएट्स और फेलोज़ का प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी स्वतंत्रता के बाद किसी भी विदेशी देश से व्हाइट हाउस में आमंत्रित युवा स्कॉलर्स एवं लीडर्स का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल था। श्रीया भी अक्टूबर 2024 में व्हाइट हाउस में आमंत्रित डेक्सटेरिटी के ग्रेजुएट्स और फेलोज़ में शामिल थीं।
श्रीया ने कहा
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठित टैटलमैन स्कॉलरशिप के लिए चयन होने पर श्रीया ने कहा, “हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इस प्रतिष्ठित टैटलमैन स्कॉलरशिप के लिए चुनी जाने वाली एकमात्र छात्रा होना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। बचपन में मुझे कई व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इस दौरान मेरे मातृ पक्ष के परिवार ने मेरा बहुत साथ दिया। किशोरावस्था के शुरुआती वर्षों में जब मेरा परिचय राष्ट्रीय संस्था डेक्सटेरिटी ग्लोबल से हुआ, तब मेरे जीवन की दिशा पूरी तरह बदल गई। उसके बाद से मैं वास्तव में डेक्सटेरिटी सिस्टम में ही पली-बढ़ी हूँ। मैंने डेक्सटेरिटी के नैशनल स्कॉलर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NSDP) डेक्सटेरिटी टू कॉलेज के अंतर्गत लम्बा एवं कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया और साथ ही डेक्सटेरिटी स्कूल ऑफ लीडरशिप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (डेक्सस्कूल) से भी प्रशिक्षित हुई। कभी मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि मुझे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। लेकिन डेक्सटेरिटी के प्रशिक्षण ने मुझे सक्षम बनाया और अवसर दिया कि मैं छात्रवृत्ति के माध्यम से विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त कर सकूं—पहले वेल्सली कॉलेज में अपनी स्नातक की पढ़ाई के लिए और अब हार्वर्ड में अपनी स्नातकोत्तर पढ़ाई के लिए। डेक्सटेरिटी में हमें सिखाया जाता है कि अपनी शैक्षणिक यात्रा को भारत की राष्ट्रीय यात्रा के साथ जोड़कर देखें। मुझे उम्मीद है कि इस अद्भुत अवसर का उपयोग मैं मातृभूमि भारत की सेवा करने और दुनिया भर में भारतीय विचार को आगे बढ़ाने के लिए कर सकूंगी।”
डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक ने कहा
डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शरद विवेक सागर हैं जो स्वयं हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र और हार्वर्ड इतिहास में पहले भारतीय छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। श्रीया की इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा, “आज मुझे उतना ही नहीं, बल्कि पांच वर्ष पहले की तुलना में कहीं अधिक गर्व महसूस हो रहा है, जब मैं हार्वर्ड में पहला भारतीय छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित हुआ था। 16 वर्ष की उम्र में डेक्सटेरिटी की स्थापना करने पर मुझसे अक्सर पूछा जाता था कि यदि डेक्सटेरिटी ग्लोबल वास्तव में सफल होती है, तो दुनिया कैसी दिखेगी? मेरा जवाब हमेशा यही होता था कि छोटे शहरों, गांवों और सामान्य भारतीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेंगे और फिर अपना जीवन भारत के निर्माण के लिए समर्पित करेंगे। श्रीया की हार्वर्ड विश्वविद्यालय तक की यात्रा और वहां टैटलमैन स्कॉलरशिप के लिए एकमात्र विद्यार्थी के रूप में उनका चयन इसी सपने का जीवंत उदाहरण है। श्रीया जैसे डेक्सटेरिटी सिस्टम में प्रशिक्षित किशोरों एवं युवाओं की उपलब्धियां महज संयोग नहीं हैं, बल्कि पिछले दो दशकों में डेक्सटेरिटी द्वारा विकसित किए गए एक सशक्त तंत्र का परिणाम हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि श्रीया हार्वर्ड, भारत और पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणास्रोत होंगी।”

