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सुशील मोदी राजनीतिक बेरोजगारी के शिकार, हताशा और निराशा में देते रहते हैं हास्यास्पद बयान: कांग्रेस

•पहले लालू यादव और फिर नीतीश कुमार के पिछलग्गू रहें हैं सुशील मोदी, फिजूल बयानबाजी के हैं आदि:प्रेमचंद मिश्र
•सुशील मोदी का बयान ईस्ट इंडिया कंपनी से प्रेरित, आजादी के नायकों के खिलाफ रही है भाजपा: प्रेमचंद मिश्र
•सुशील मोदी गैर-बिहारी, राजनीतिक हताशा में देते रहते हैं कांग्रेस के खिलाफ बयान: प्रेमचंद मिश्र
•बेरोजगारी, महंगाई और समसामयिक मुद्दों से इतर बयान देने के आदि हैं सुशील मोदी: प्रेमचंद मिश्र

पटना:बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ श्रीकृष्ण सिंह के जयंती पर भाजपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के बयान पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट व विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्र ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सैद्धांतिक पार्टी रही है, हमारी पृष्ठभूमि स्वतंत्रता सेनानियों, संप्रदायवाद के खिलाफ और लोकहित में रही है और हमने अपने आजादी के नायकों और पुरखों का सम्मान किया है लेकिन भाजपा और उनके नेता जिन्हें अपने पुरखों को याद करके गर्व करना चाहिए वो गैर जरूरी बयानों में अपना समय दे रहें हैं। श्रीकृष्ण बाबू की जयंती समारोह के बाद से लगातार पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी हताशा और निराशा में बयान दे रहें हैं। कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से घबड़ाए राजनीतिक बेरोजगारी के शिकार होकर समसामयिक मुद्दों के इतर गैर जरूरी मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी की आदत हो चुकी है।

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उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि कांग्रेस अपने कार्यक्रम में किसे अतिथि के तौर पर बुलाएगी ये हमारा दलगत फैसला है। भाजपा और सुशील मोदी ने कभी श्रीबाबू को याद नहीं किया है वरना अपने कार्यालय में भी उनकी जयंती मनाती और उनके बताएं आदर्शों का पालन करती। बिहार केसरी श्रीकृष्ण बाबू ने बिहार में दलितों के उत्थान के साथ शैक्षणिक और औद्योगिक उन्नयन का काम किया है। भाजपा बिहार के विकास में  अपना योगदान तक नहीं दे सकी है। सुशील कुमार मोदी को श्रीबाबू के बारे में अनर्गल बयान देना बंद करना चाहिए। भाजपा के संस्कार में है कि वो अपने पुरखों को भी अपमानित करती रही है। सामाजिक न्याय के खिलाफ काम करने वाली भाजपा ने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। ये लोग तो अपने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के बताएं रास्ते के विपरीत चलने वाले लोग हैं। कांग्रेस ने अपना मंच वैसे नेता को दिया जिन्होंने बिहार के विकास में योगदान दिया है। भाजपा नेताओं को  बताना चाहिए कि उसने दलितों के उत्थान में क्या कदम उठाया है! बिहार में नीतीश कुमार जैसे मजबूत नेता के पीछे खड़े होकर खुद उप मुख्यमंत्री बन कर राजनीतिक लाभ लेने वाले सुशील मोदी को राष्ट्रीय आजादी की लड़ाई लड़ने वाले नेता श्रीकृष्ण बाबू के बारे में अनर्गल प्रलाप बंद करना चाहिए और श्रीबाबू के बताएं रास्ते पर चलकर अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह श्रीकृष्ण सिंह के बताएं रास्तों पर लगातार चल रहे हैं उनके द्वारा मनाएं गए जयंती में उमड़े जनसैलाब से भाजपा भयभीत है। ईस्ट इंडिया कंपनी की पिछलग्गू भाजपा जिसने देश की आजादी के अग्रणी नेता और स्वतंत्रा सेनानियों का शुरू से अपमान किया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी न्यौता गया था लेकिन  कार्यक्रम की तिथि बदलने के कारण वें पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण व्यस्त थे इसलिए आने में असमर्थ रहें।

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संवाददाता सम्मेलन में मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, निर्मल वर्मा, पूर्व विधान पार्षद लालबाबू लाल, प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी, डॉ विनोद शर्मा, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पांडेय,  मृणाल अनामय, निधि पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ नेतागण मौजूद रहें।

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