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अनंत सिंह(ANANT SINGH):नीतीश को चांदी के सिक्के से तौलने से लेकर दोषी होने तक की कहानी

राजनीति में हमेशा विवादों में रहने वाले और कई मामलों के अभियुक्त बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को झटका लगा है. AK 47 मामले में राजद विधायक अनंत सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी पाया है. 21 जून को अनंत सिंह सजा सुनाई जाएगी

पटना:बिहार की राजनीति में हमेशा विवादों में रहने वाले और कई मामलों के अभियुक्त बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) को झटका लगा है. AK 47 मामले में राजद विधायक अनंत सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी पाया है. 21 जून को अनंत सिंह सजा सुनाई जाएगी. बता दें कि यह मामला साल 2019 का है. जब अनंत सिंह के घर पर छापेमारी हुई थी.बिहार के छोटे सरकार यानी मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के घर से AK-47 बरामद हुई थी. उस वक़्त बाढ़ की तत्कालीन एएसपी लिपि सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने अनंत सिंह के लदमा गांव स्थित घर पर छापेमारी की थी. लिपि सिंह ने करीब 11 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में अनंत सिंह के घर से AK-47 के साथ ही हैंड ग्रेनेड, 26 राउंड गोली और एक मैगजीन बरामद की गई थी।
पुलिस के सर्च ऑपरेशन की अगुवाई करने वाली लिपि सिंह का दावा था कि हथियार तस्करी की पुख्ता सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया।इसकी जानकारी पटना की तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गरिमा मलिक और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (अब अवकाश प्राप्त) गुप्तेश्वर पांडेय को भी दी गई थी। फुलप्रूफ तरीके से पुलिस ने सुबह-सुबह करीब चार बजे ही अनंत सिंह के घर छापेमारी कर दी थी।

तीन साल बाद फैसला

विधायक के नदवा स्थित आवास से एक तलाशी के दौरान पुलिस ने साल 2019 में एक एके-47 राइफल, हैंड ग्रेनेड और कारतूस बरामद किया था। जिस मामले में अनंत सिंह को कई दिनों की मशक्‍कत के बाद गिरफ्तार किया गया था। बताते चलें पटना कि इस मामले में अनंत सिंह ने खुद कोर्ट में सरेंडर किया था। इस मामले में विधायक समेत दो अन्‍य लोगों के खिलाफ सुनवाई की गई थी। अभियोजन ने अपना आरोप साबित करने के लिए अदालत में 13 गवाह पेश किया था। बचाव पक्ष की ओर से 34 गवाहों का बयान कलमबंद करवाया गया है।

मामले को बिहार सरकार ने विशेष कांड की श्रेणी में रखा

बता दें कि बिहार के बाहुबली विधायक माने जाने वाले अनंत सिंह के खिलाफ चल रहे इस मामले को बिहार सरकार ने विशेष कांड की श्रेणी में रखा है. आरोपी के खिलाफ ट्रायल के लिए विशेष लोक अभियोजक को नियुक्त किया गया. यहां यह भी बता दें कि इस मामले का स्पीडी ट्रायल भी चलाया गया और अब फैसले की घड़ी भी आ गई है.

वर्ष 2019 में हुई थी छापेमारी

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में पटना पुलिस को छापेमारी में अनंत सिंह के पैतृक आवास से आधुनिक हथियार एके 47 राइफल, कारतूस और हैंड ग्रेनेड मिले थे. इसी आधार पर 16 अगस्त 2019 को बाढ़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इस मामले में पुलिस अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की अदालत में बहस पूरी हो गई है.

नीतीश कुमार को चांदी के सिक्के से तौल दिया था

बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जब राज्य की सियासत में ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर एक बाहुबली नेता ने उन्हें चांदी के सिक्कों से तुलवा दिया था. ये बाहुबली नेता कोई और नहीं, बल्कि वर्तमान आरजेडी विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) थे.ये क़िस्सा साल 2004 का है. नीतीश कुमार बिहार की बाढ़ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान लोक जनशक्ति पार्टी ने मोकामा के निर्दलीय विधायक सूरजभान सिंह को बलिया से टिकट दे दिया. नीतीश को एहसास हो गया था कि सूरजभान सिंह के लोजपा में जाने के बाद उन्हें चुनाव जीतने में दिक्कत आ सकती है. ऐसे में अनंत सिंंह का साथ ज़रूरी है. और मोकामा इस बाहुबली अनंत सिंंह का गढ़ था.लिहाजा, नीतीश कुमार के क़रीबी राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह ने अनंत सिंह को मिलाया. इसके बाद दोनों क़रीब आए. फिर अनंत सिंह ने जेडूयू की सदस्यता ले ली और नीतीश के साथ उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई.

अपराध की दुनिया के बेताज बादशाह अनंत सिंह कभी थे नीतीश कुमार के चहेते

अपने बाहुबल के दम पर राजनीति में राज करने वाले अनंत सिंह की पहचान एक क्रिमिनल नेता के तौर पर की जाती है. अनंत सिंह की अलग-अलग पहचान है. अपने समर्थकों के बीच उनकी पहचान मसीहा के रुप में होती है तो विरोधी उनसे खौफ खाते हैं. खौफ ऐसी कि विरोध करने पर जिंदगी से हाथ धो देना पड़ता है. यही कारण है कि अनंत सिंह न सिर्फ अपने क्षेत्र या जिले बल्कि पूरे बिहार में कुख्यात हैं. समर्थक उन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से पुकारते हैं.मोकामा क्षेत्र से विधायक अनंत सिंह के कारनामे भी नाम की तरह अनंत है. उनके जुल्म के एक से बढ़कर एक किस्से हैं।

अनंत कथा’

अनंत सिंह को जानने वाले जानते हैं कि अपने दुश्मनों को वो कैसे ठिकाने लगाता है. कानून की किताब में शायद ही कोई ऐसी धारा बची हो जिसके तहत अनंत सिंह के नाम पर मुकदमा दर्ज न हो. अनंत सिंह पर दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं. इनमें कत्ल, अपहरण, फिरौती, डकैती और बलात्कार जैसे तमाम संगीन मामले शामिल हैं।

‘लखटकिया’ हाथी-घोड़े

विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में अनंत सिंह अपने हाथी, घोड़े और गाय के कारण चर्चा में रहते है. साल 2007 में सोनपुर मेले से अनंत सिंह ने लालू प्रसाद यादव का घोड़ा खरीदा था. एक बार 50 लाख रुपए में साड खरीद कर चर्चा में थे. अनंत सिंह अपने घोड़े और गाय के गले में सोने की सिकरी पहना कर सोनपुर मेला में पहुंचे थे.

लालू का घोड़ा लेकर मेले में पहुंचे

2007 में जानवरों के मेले में अनंत सिंह लालू यादव का घोड़ा लेकर पहुंचे थे. अनंत सिंह को पता था कि लालू उन्हें अपना घोड़ा नहीं बेचेंगे, इसलिए उन्होंने किसी दूसरे के जरिए लालू के घोड़े को खरीदा था और उसे लेकर मेले में पहुंचे थे. अजगर पालने जैसी अपनी सनक के लिए चर्चित ये विधायक पहले भी कई विवादों में फंस चुके हैं।

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