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राजनीति

बिहार:कोटे के दो मंत्रियों के लिए दबाव बढ़ाएगी कांग्रेस,बोर्ड-निगमों में कांग्रेस की हिस्सेदारी को भी बनाया जाएगा मुद्दा 

पटना : बिहार कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन होते ही सत्ता में भागीदारी बढ़ाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। प्रदेश नेतृत्व एक ओर जहां कांग्रेस के दो और विधायकों को मंत्री बनाने की मांग कर रहा है, वहीं वर्षो से रिक्त पड़े बोर्ड-निगमों में भी अपनी समुचित भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश में है। पार्टी की स्पष्ट राय है कि जब चार विधायक वाले ङ्क्षहदुस्तानी आवाम मोर्चा को एक मंत्री पद मिल सकता है तो 19 विधायकों वाली कांग्रेस को क्यों न चार पद मिले?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने के साथ ही डा. अखिलेश प्रसाद ङ्क्षसह ने साफ कर दिया था कि पार्टी को सरकार में समुचित भागीदारी नहीं मिली। कांग्रेस के जितने विधायक चुनाव जीतकर आए हैं, उसके आधार पर कम से कम चार को मंत्रिमंडल में जगह मिलनी चाहिए। कांग्रेस को मंत्रिमंडल में सिर्फ दो पद सौंपे गए। उन्होंने साफ किया कि इस मसले को लेकर वे खामोश नहीं बैठेंगे। मंत्रिमंडल में दो और पद के लिए वे स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की इस मांग का अपना आधार है। सरकार में राजनीतिक दलों को उनके संख्या बल के आधार पर मंत्री पद मिला है। राजद के 79 विधायक हैं, तो उसके मंत्रिमंडल में 14 मंत्री है। तीन मंत्री पद और मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार 46 विधायक वाले जदयू के 12 मंत्री हैं। ङ्क्षहदुस्तानी आवाम मोर्चा के चार विधायक हैं तो उसका एक मंत्री है। कांग्रेस के 19 विधायक हैं और उसके दो मंत्री हैं। पार्टी का तर्क है कि चार विधायक पर एक मंत्री पद है तो वैसी स्थिति में मंत्रिमंडल में उसे कम से कम चार पद मिलने ही चाहिए।
मंत्रिमंडल के साथ ही कांग्रेस सरकार के बोर्ड और निगमों में भी आनुपातिक हिस्सेदारी चाहती है। दरअसल इस मांग के पीछे पार्टी के अपने तर्क हैं। बीते दिनों सरकार ने दो बोर्ड और निगमों का पुनर्गठन किया। दोनों निगमों में राजद और जदयू नेताओं को सदस्यता सौंपी गई, लेकिन कांग्रेस समेत दूसरे दल के नेताओं के हाथ खाली ही रहे। कांग्रेस भी अनदेखी की गई। अखिलेश ङ्क्षसह कहते हैं कि कांग्रेस की अनदेखी कर भाजपा को पराजित नहीं किया जा सकता है। भाजपा को पराजित करना है तो कांग्रेस को समान रूप से भागीदारी देनी होगी। उन्होंने बुधवार को पार्टी की एक बैठक में वापस अपनी मांग दोहराई और कहा कि वे जल्द ही कांग्रेस कोटे से दो और मंत्री पद की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार सबको साथ लेकर चलने वाले नेता है, उम्मीद है वे कांग्रेस की मांग की अनदेखी नहीं करेंगे।

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