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शिक्षा

बदलते भारत में दो कदम आगे बढ़ रही हैं बेटियां :कोविन्द

सासाराम : बदलते भारत में बेटियां कंधे से कंधा मिलाकर ही नहीं चल रहीं, बल्कि अब दो कदम आगे निकल गई हैं। यह उन तमाम माता-पिता के प्रयास का प्रतिफल है, जिन्होंने उन्हें मौका देकर इस योग्य बनाया है। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के 22 विभागों में प्रथम स्थान लाने वालों की सूची में 19 बेटियों का नाम देखकर मैं हर्षित हूं। हमारी समृद्ध संस्कृति हमेशा नारी शिक्षा के लिए प्रेरित करती रही है। शनिवार को जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षा समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने उक्त बातें कही।

उन्होंने कहा कि आज इस विश्वविद्यालय में 22 गोल्ड मेडल प्राप्त करने वालों में 19 बेटियां हैं। वे बदल रहे भारत की बेटियां हैं, जो देश को तेजी से आगे ले जाएंगी। बिहार में राज्यपाल रहते और राष्ट्रपति के रूप में भी मेरा बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान होता था। बिहार बुद्ध, महावीर, चाणक्य की भूमि रही है। देश-विदेश में लोग अपने ज्ञान की तृष्णा मिटाने के लिए बिहार की धरती पर आते थे। उन्होंने युवाओं की शक्ति को इंडस्ट्री ओरिएंटेड बनाने के प्रयास करने पर बल दिया। विद्यार्थियों को स्वरोजगार और स्टार्टअप शुरू करने के लिए जरूरी स्किल्स उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कहा कि हम वर्तमान में हम ऐसे समय में हैं, जब हमारा देश-दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाया है।

कोविन्द ने छात्रों से कहा कि 21वीं सदी में सफल होने के लिए आपको अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करना पड़ेगा। निरंतर नया कुछ सीखना पड़ेगा। तकनीक बदल रही है, अपने अंदर के ज्ञान और कौशल को अपडेट करते रहना पड़ेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के संस्थापक सह कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह की प्रशंसा की और कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण मेडिकल कालेज एवं हास्पिटल बिहार के निजी क्षेत्र में सर्वाधिक 250 चिकित्सा स्नातकों के नामांकन करने वाला संस्थान है। अपने 36 मिनट के उद्बोधन में बचपन से राष्ट्रपति तक की जीवन यात्रा सुना विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
समारोह के अध्यक्ष राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि आप केवल नौकरी पाने वाली शिक्षा ग्रहण न करें, बल्कि शिक्षा से दूसरों को नौकरी प्रदान करने की क्षमता रखने का संकल्प लें। कहा कि आज लोग कृषि और व्यवसाय को अच्छी ²ष्टि से नहीं देखते हैं, जो की उचित नहीं है। संस्थापक सह कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह , शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, भूमि राजस्व मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल, सचिव गोङ्क्षवद नारायण ङ्क्षसह, प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने भी छात्रों को संबोधित किया। संचालन कुल सचिव प्रोफेसर धर्मेश श्रीवास्तव ने किया।

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