राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में घना स्मॉग, धुंध और कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 381 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार में AQI 406, अशोक विहार में 410, बवाना में 403, चांदनी चौक में 438 और वजीरपुर में 426 दर्ज किया गया। वहीं, आईटीओ, पंजाबी बाग, विवेक विहार और जहांगीरपुरी जैसे इलाकों में भी प्रदूषण गंभीर स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जहां AQI 447 रिकॉर्ड किया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ते प्रदूषण का असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। वायु में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म कण फेफड़ों और रक्त प्रवाह में प्रवेश कर गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि उच्च प्रदूषण के दौरान बाहर व्यायाम से बचें और जरूरत पड़ने पर एन95 मास्क का उपयोग करें।

