पटना: बिहार के छपरा शहर में गरीबों और असहायों की भूख मिटाने वाली अनूठी सामाजिक संस्था रोटी बैंक छपरा अपना सातवाँ वार्षिकोत्सव मनाने जा रही है। यह संस्था अक्टूबर 2018 से निरंतर जरूरतमंदों को रोजाना भरपेट भोजन उपलब्ध करा रही है। संस्था के नारे—”रोटी बैंक का सपना, भूखा न सोए कोई अपना”—को चरितार्थ करते हुए अब तक लाखों लोगों का पेट भरा जा चुका है।
वार्षिकोत्सव के साथ आयोजित राष्ट्रीय एकता सेवा सम्मान समारोह का आयोजन भी 21 दिसंबर 2025 को सिटी गार्डन, छपरा में होगा। इस कार्यक्रम में सामाजिक सेवा में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और विशिष्ट मेहमानों की उपस्थिति रहेगी।
रोटी बैंक छपरा की शुरुआत शिक्षक रविशंकर उपाध्याय और उनके साथियों ने वाराणसी के रोटी बैंक से प्रेरित होकर की थी। शुरुआत में मात्र 7 लोगों को भोजन बाँटने वाली यह टीम आज रोजाना 400-500 जरूरतमंदों तक गर्म भोजन पहुँचाती है। कोरोना महामारी, बाढ़ और कड़ाके की ठंड जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी यह सेवा कभी नहीं रुकी। संस्था को पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है, जिसमें अमिताभ बच्चन द्वारा केबीसी में अन्न दान और विभिन्न सम्मान शामिल हैं।
संस्था के सेवादारों का कहना है कि यह आयोजन न केवल सात वर्षों की यात्रा का उत्सव है, बल्कि समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देने का प्रयास भी है। कार्यक्रम में सभी शहरवासियों की उपस्थिति की अपील की गई है।यह पहल साबित करती है कि छोटे प्रयास से बड़ा बदलाव संभव है। रोटी बैंक छपरा जैसी संस्थाएँ समाज को एकता और करुणा का संदेश दे रही हैं।

