पटना: बिहार की राजधानी पटना में उर्दू शायरी की समृद्ध परंपरा को जीवंत रखने के लिए एक विशेष मुशायरे का आयोजन होने जा रहा है। ‘हमनवा’ संस्था और बिहार संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में सुप्रसिद्ध शायर, अफ़सानानिगार तथा शिक्षाविद् स्वर्गीय क़ासिम ख़ुरशीद की स्मृति में ‘शम्अ-ए-सुख़न’ नामक मुशायरा 28 दिसंबर 2025 को अपराह्न 2:30 बजे से शुरू होगा।यह कार्यक्रम बिहार संग्रहालय सभागार, बुद्ध मार्ग, पटना में आयोजित किया जाएगा। मुशायरे में चुनिंदा शायर और शायरा अपनी ग़ज़लों और नज़्मों से महफ़िल को रौनक़ बख़्शेंगे।
आयोजन के संयोजक समीर परिमल के अनुसार यह मुशायरा स्व. क़ासिम ख़ुरशीद के साहित्यिक योगदान को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उर्दू अदब के प्रेमियों को एक यादगार शाम प्रदान करेगा। उर्दू शायरी प्रेमी इस कार्यक्रम में शामिल होकर क्लासिकी ग़ज़लों की बहार का लुत्फ़ उठा सकते हैं। आयोजक उम्मीद कर रहे हैं कि यह मुशायरा पटना की साहित्यिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

