वैश्विक परामर्श फर्म ईवाई (EY) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आगामी केंद्रीय बजट लक्षित राजकोषीय समर्थन के जरिए घरेलू मांग को मजबूती देकर देश की आर्थिक वृद्धि को गति दे सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रणनीति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विकास-उन्मुख मौद्रिक नीति के अनुरूप होगी और अर्थव्यवस्था को स्थिर समर्थन प्रदान कर सकती है।
ईवाई की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान आयकर और जीएसटी दरों में संभावित कटौती से सरकार के राजस्व में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, इसके बावजूद गैर-कर राजस्व से अतिरिक्त आय और राजस्व व्यय में संभावित कटौती के जरिए इस नुकसान की भरपाई संभव बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन उपायों से सरकार के लिए राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखना और पूंजीगत व्यय के लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट में उपभोग और निवेश को संतुलित समर्थन दिया गया, तो इसका सकारात्मक असर मध्यम अवधि में आर्थिक विकास पर देखने को मिलेगा।

