उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड, घने कोहरे और गलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद चल रही ठंडी उत्तरी-पछुआ हवाओं से प्रदेश के 48 जिलों में सर्दी अपने चरम पर पहुंच गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो से तीन दिनों में दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों का अवकाश 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के 27 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई गई है। बुधवार सुबह प्रयागराज, कानपुर, बरेली और सहारनपुर में दृश्यता शून्य रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। बहराइच में दृश्यता 20 मीटर, इटावा में 40 मीटर और अयोध्या, वाराणसी समेत कई जिलों में 50 मीटर दर्ज की गई।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हुई बर्फबारी का असर यूपी में साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि अगले कुछ दिनों में कोहरे के घनत्व में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन ठंड और गलन से राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

