पटना: बिहार की सियासत में परिवारवाद के आरोपों से घिरे राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया पर कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कुशवाहा ने लिखा, “मीडिया के बन्धुओं, आज कल आप लोग कुछ ज्यादा ही मेहरबानी दिखा रहें हैं मुझ पर…! मेरी नहीं तो कम से कम अपनी प्रतिष्ठा का कुछ तो ख्याल रखिए जनाब! आपको पता है न कि तथ्यहीन, बेबुनियाद और बनावटी खबरों से किसी का कुछ बिगड़ता नहीं है। क्योंकि वैसी खबरों की उम्र महज दस-पांच दिनों की ही होती है।”
यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब मीडिया में खबरें चल रही हैं कि कुशवाहा अपने बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा (जो बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं) के बाद अब अपनी बहू साक्षी मिश्रा को भी राजनीतिक पद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साक्षी को बिहार राज्य नागरिक परिषद का उपाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव भाजपा को भेजा गया है। कुशवाहा ने इन खबरों को पूरी तरह फालतू और प्लांटेड बताकर खारिज किया है।
आरएलएम में इस समय आंतरिक कलह भी जोरों पर है। पार्टी के विधायकों और नेताओं में बेटे को मंत्री बनाने को लेकर नाराजगी है, जिससे कई इस्तीफे हो चुके हैं और टूट की अटकलें लग रही हैं। ऐसे में कुशवाहा का यह पोस्ट मीडिया की इन रिपोर्ट्स पर सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कुशवाहा का यह तंज मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी संकट को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि ये खबरें कितने दिन टिकती हैं और आरएलएम की एकजुटता पर क्या असर पड़ता है।

