मुजफ्फरपुर जंक्शन पर समस्तीपुर रेल मंडल द्वारा जारी किए गए एकतरफा तबादला आदेश के खिलाफ रनिंग स्टाफ का आंदोलन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और गार्डों का हौसला कम नहीं हुआ। आंदोलन अब और तेज हो गया है, क्योंकि कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवार — महिलाएं और बच्चे भी धरने में शामिल हो गए हैं।
यह विरोध 78 रनिंग स्टाफ के कथित अन्यायपूर्ण तबादले को लेकर है, जिन्हें बिना सहमति और विकल्प के बरौनी और मानसी भेज दिया गया। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले AILRSA, AIGC, ECREU, ECRKU और मजदूर कांग्रेस जैसी कई रेलवे यूनियनों ने एकजुट होकर रेल प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। यूनियनों का कहना है कि मंडल परिसीमन के बाद अन्य विभागों को पसंदीदा स्टेशन चुनने का मौका दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ को यह अधिकार नहीं मिला।
रविवार को आंदोलन ने भावनात्मक रूप ले लिया, जब कर्मचारियों के परिजन धरना स्थल पर पहुंचे और “इंसाफ दो” व “जुल्मी तबादला रद्द करो” जैसे नारे लगाए। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मानसिक तनाव में काम कर रहे रनिंग स्टाफ से रेल सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक ज्वाइंट प्रोसीजर ऑर्डर (JPO) जारी कर विकल्प के आधार पर तैनाती नहीं दी जाती, तब तक यह धरना जारी रहेगा।

