BJP-Congress Alliance: महाराष्ट्र की राजनीति में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है, जहां वर्षों से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने सत्ता के लिए हाथ मिला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भले ही राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे पर तीखे हमले करते दिखते हों, लेकिन जमीनी राजनीति में तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई। दोनों दलों ने अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर ठाणे जिले की अंबरनाथ म्युनिसिपल काउंसिल पर कब्जा कर लिया है। इस अप्रत्याशित गठबंधन के चलते एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से बाहर होना पड़ा, जिसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
59 वार्डों वाली अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसके पास 23 सीटें थीं। वहीं BJP को 16, कांग्रेस को 12 और अजित पवार गुट की NCP को चार सीटें मिली थीं। चुनाव के बाद राजनीतिक समीकरण पलट गए और BJP-कांग्रेस-NCP ने मिलकर 32 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर लिया। इससे पहले परिषद की अध्यक्ष BJP की तेजश्री करंजुले थीं, लेकिन नई रणनीति के तहत शिवसेना को सत्ता से बाहर कर दिया गया। अंबरनाथ, कल्याण लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां से डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र डॉ. श्रीकांत शिंदे सांसद हैं, ऐसे में यह घटनाक्रम शिंदे परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
नए गठबंधन को ‘अंबरनाथ सिटी डेवलपमेंट फ्रंट’ नाम दिया गया है, जिसमें रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) भी शामिल है। BJP नेताओं का कहना है कि विचारधारात्मक मतभेदों को दरकिनार कर शहर के विकास के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं शिवसेना नेताओं ने इसे “अपवित्र और मौकापरस्त गठबंधन” करार दिया है। डॉ. श्रीकांत शिंदे ने कहा कि जिन दलों के खिलाफ चुनाव लड़ा गया, उन्हीं से सत्ता के लिए हाथ मिलाना जनता के विश्वास के साथ धोखा है। गौरतलब है कि करीब 35 वर्षों तक अविभाजित शिवसेना का अंबरनाथ नगर परिषद पर कब्जा रहा था, ऐसे में यह बदलाव ठाणे जिले की स्थानीय राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

