पटना:विधानसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ चुके प्रसिद्ध छात्र नेता दिलीप कुमार ने आज सोशल मीडिया के जरिए बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई को प्रतियोगी परीक्षाओं से आगे बढ़ाकर पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर तक ले जाने का ऐलान किया है।दिलीप कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि पिछले दस वर्षों से उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर केवल छात्र हित में भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली-सेटिंग और अपारदर्शिता के खिलाफ संघर्ष किया। इस दौरान उन्हें कई बार आंदोलन करने पड़े, जेल जाना पड़ा और पुलिस की लाठियां भी सहनी पड़ीं।उन्होंने दावा किया कि उनके सतत संघर्ष के कारण बिहार की प्रतियोगी परीक्षाओं में पहले से कहीं अधिक पारदर्शिता आई है। कई बड़े पेपर लीक का पर्दाफाश उन्होंने खुद किया, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षाएं रद्द हुईं, री-एग्जाम कराए गए और कुछ माफियाओं पर कार्रवाई भी हुई। सबसे बड़ी जीत यह रही कि पहले जहां सरकारें और भर्ती आयोग पेपर लीक की बात को मानने से ही इनकार कर देते थे, अब वे इसे स्वीकार करने लगे हैं।
अब दिलीप कुमार ने घोषणा की है कि छात्र हित के साथ-साथ वे जनहित में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। पंचायती राज संस्थाओं से लेकर जिला और राज्य स्तर तक व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए वे व्यापक आंदोलन चलाएंगे।अपील करते हुए उन्होंने कहा,“सभी छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और अभिभावकगण एकजुट हों। जो लोग ईमानदारी से इस लड़ाई में साथ देना चाहते हैं, वे मुझसे संपर्क करें।
दिलीप कुमार बहादुरपुर विधानसभा (दरभंगा) से पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी रह चुके हैं और बिहार के छात्र आंदोलनों में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके इस नए ऐलान से प्रदेश भर के छात्रों व युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है।बिहार में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ यह नया जन-आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है, यह आने वाला वक्त बताएगा।

