नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के आठ सांसदों के निलंबन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताया। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हर सत्र में विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है और यह अब एक खतरनाक परंपरा बनती जा रही है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ एनडीए सरकार संसद में असहमति और बहस से डरती है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ विपक्ष के नेता को बोलने न देने का मामला नहीं है, बल्कि संसद और लोकतंत्र के मूल ढांचे को कमजोर करने की कोशिश है। संसद लोकतंत्र का मंदिर है, यहां सवाल पूछना अपराध नहीं होना चाहिए।” उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का भी जिक्र किया और दावा किया कि सरकार आलोचना से डरती है।
इस बीच निलंबित विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्यवाही भारी हंगामे के बीच स्थगित करनी पड़ी। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, प्रशांत यदाओराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी, डीन कुरियाकोस और CPI(M) के सांसद एस वेंकटेशन शामिल हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है और इसलिए आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है।

