पटना:पटना विश्वविद्यालय में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन और संभावित विधि-व्यवस्था की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अनुमंडल दण्डाधिकारी, पटना सदर की अदालत ने बी०एन०एस०एस० की धारा-126 के तहत छात्र नेताओं को नोटिस जारी किया है।पीरबहोर थाना द्वारा भेजे गए अप्राथमिकी प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस प्रतिवेदन में कहा गया है कि पटना विश्वविद्यालय के छात्र नेता एवं छात्र संघ द्वारा बार-बार धरना-प्रदर्शन किए जाने से विधि-व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। इसी को लेकर प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी।जिनके नाम नोटिस जारी हुए हैं उनमें छात्र नेत्री खुशबू पाठक, छात्र नेता सौरभ कुमार, अर्चना कुमारी, विकेश भट्ट, एम०पी० यादव, मनीष यादव, रिंकल यादव तथा मनीष आनंद शामिल हैं।

अदालत ने सभी संबंधित छात्र नेताओं को निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होकर कारण बताने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ एक वर्ष तक शांति एवं सदाचार बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये के बंध-पत्र तथा समान राशि के दो प्रतिभूति जमा कराने का आदेश पारित किया जाए।इस कार्रवाई के बाद पटना विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में हलचल तेज हो गई है। छात्र संगठनों ने इसे आवाज दबाने की कोशिश बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दूसरी और छात्र नेत्री खुशबू पाठक ने नोटिस की प्रति सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार की सरकार बिहार की बेटी से डर गई । यह नोटिस भेज कर क्या आप लाखों युवाओं की आवाज को दबा सकते हैं ?लेकिन 20 मई को आंदोलन होकर रहेगा और मैं कोर्ट के आदेश का पालन करूंगी ।शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक तरीके से 20 मई को सुबह 10:00 बजे पटना कॉलेज से आंदोलन होगा।

