पटना: पटना नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक संपत्तियों को संपत्ति कर के दायरे में लाने के उद्देश्य से संपत्ति कर संवर्धन अभियान की शुरुआत की है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर अभियान के पहले दिन शुक्रवार को निगम के सभी छह अंचलों में व्यापक कार्रवाई की गई।अभियान के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान की जा रही है, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे से बाहर थीं। इसके साथ ही बकायेदारों से कर की वसूली और पहले से कर के दायरे में शामिल संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
अभियान के पहले दिन पटना नगर निगम के सभी अंचलों में कुल 108 नई संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया। ये वे संपत्तियां हैं, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे से बाहर थीं। इसके अलावा 35 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन भी किया गया।नगर निगम की टीमों ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, अपार्टमेंट और अन्य कर योग्य संपत्तियों का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संपत्तियों का आकलन कर उन्हें कर के दायरे में लाने की प्रक्रिया पूरी की गई। संबंधित संपत्तिधारकों को निर्धारित समय पर संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए भी प्रेरित किया गया।अभियान के पहले ही दिन पटना नगर निगम को 27.90 लाख रुपये का संपत्ति कर प्राप्त हुआ। निगम के अनुसार, अभियान की शुरुआत में ही हुई यह वसूली राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी छह अंचलों में वरीय पदाधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में कार्यपालक पदाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और टैक्स कलेक्टर शामिल हैं। प्रत्येक टीम और कर्मी के लिए प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किस अंचल से कितना संपत्ति कर मिला?
नगर निगम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन अजीमाबाद अंचल में 80 संपत्तियों से लगभग 3 लाख रुपये, बांकीपुर अंचल में 83 संपत्तियों से करीब 5.48 लाख रुपये और कंकड़बाग अंचल में 113 संपत्तियों से लगभग 6.23 लाख रुपये की वसूली हुई।इसी तरह नूतन राजधानी अंचल में 116 संपत्तियों से करीब 5.61 लाख रुपये, पाटलिपुत्र अंचल में 163 संपत्तियों से लगभग 6.75 लाख रुपये और पटना सिटी अंचल में 44 संपत्तियों से करीब 1.22 लाख रुपये संपत्ति कर प्राप्त हुआ।नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल राजस्व संग्रहण बढ़ाना नहीं, बल्कि संपत्ति कर व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना भी है। निगम ऐसी सभी कर योग्य संपत्तियों को कर के दायरे में लाने की दिशा में काम कर रहा है, जो अब तक किसी कारण से कर निर्धारण से बाहर रह गई हैं।

पटना नगर निगम के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी संपत्ति कर संवर्धन अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके तहत नई संपत्तियों का कर निर्धारण, पुरानी संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन और बकाया कर की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। निगम का लक्ष्य करदाताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अपने राजस्व संग्रहण को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

