पटना : पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने जन सुराज की सदस्यता ग्रहण करते हुए अपनी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जन सुराज से जुड़ना महज किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेना नहीं, बल्कि बिहार के शिक्षकों, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े लाखों परिवारों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई को राजनीतिक शक्ति देने का संकल्प है।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है और शिक्षकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को करीब से समझा है। पटना, नालंदा और नवादा समेत पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षकों के विश्वास और समर्थन ने उन्हें यह निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है।उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों की आवाज केवल ज्ञापन, धरना और आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उसे नीति और निर्णय लेने के केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा, “अब सिर्फ आवाज नहीं उठेगी, व्यवस्था बदलने की लड़ाई लड़ी जायेगी।”
डॉ. दिव्या ज्योति ने बिहार के वित्त रहित शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की दशकों पुरानी समस्याओं को अपनी प्राथमिक लड़ाई बताते हुए कहा कि हजारों शिक्षक वर्षों से आर्थिक असुरक्षा, अनिश्चित सेवा-स्थिति और सम्मानजनक जीवन के संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान अथवा नियमित भुगतान को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय लेती है तो उसका स्वागत किया जाएगा, लेकिन अब केवल मौखिक घोषणाएं पर्याप्त नहीं होंगी। शिक्षकों के हित में ठोस नीति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है।

