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शिक्षा

हिंदी दिवस पर समाहरणालय में कार्यक्रम आयोजित

पटना : समाहरणालय सभागार, पटना में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में हिंदी दिवस मनाया गया. कार्यक्रम में जिले के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने कहा कि हिंदी केवल संवाद – संप्रेषण की भाषा नहीं, बल्कि भारत के जनमानस, उनकी सभ्यता, संस्कृति और संवेदनाओं से गहराई से जुड़ी भाषा है.यह आम लोगों की अभिव्यक्ति का सहज और सशक्त माध्यम है। हिंदी की सरलता, सहजता और आत्मीयता उसे जन-जन के हृदय से जोड़ती है।उन्होंने कहा कि हिंदी में उत्कृष्ट एवं समृद्ध साहित्य का निरंतर सृजन हो रहा है. उन्होंने नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और साहित्य से जुड़ने की अपील की। वर्तमान समय में शिक्षा, प्रशासन, तकनीक, संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना की महत्वपूर्ण संवाहक भाषा है।

उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने हिंदी के विकास तथा बदलते समय में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी आम जनता की भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में सरल एवं सहज हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।अपर समाहर्ता खगेश चंद्र झा ने हिंदी को सहज, सरल एवं जनसुलभ भाषा बताते हुए कहा कि यह आम लोगों के बीच संवाद और विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाने में सरल हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है।अपर समाहर्ता रविंद्र कुमार दिवाकर ने हिंदी के साहित्यिक विकास तथा स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

इस अवसर पर सहायक निदेशक शैलेंद्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती अर्शी शाहीन, देवज्योति सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी हिंदी भाषा की समृद्ध परंपरा, साहित्यिक विरासत और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने सरकारी कार्यों एवं दैनिक प्रशासनिक जीवन में सरल एवं सहज हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया।

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