केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक नया रोजगार कानून लाने की तैयारी में है। इससे जुड़े एक प्रस्तावित विधेयक की प्रतियां हाल ही में लोकसभा के सदस्यों के बीच वितरित की गई हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है।
विधेयक के मसौदे के अनुसार सरकार संसद में ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025’ पेश करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही वर्ष 2005 में लागू किए गए मनरेगा कानून को निरस्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक नए कानून का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार और आजीविका के अवसरों को अधिक व्यापक और आधुनिक स्वरूप देना है। हालांकि सरकार की ओर से अभी इस विधेयक पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।

