नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस को बड़ी राहत मिलने के बाद पार्टी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा ईडी की याचिका पर संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और उत्पीड़न की कहानी बताया। वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह पूरा मामला सत्ता के दुरुपयोग और विपक्ष को डराने की कोशिश का उदाहरण है। कांग्रेस का कहना है कि इस फैसले से साफ हो गया कि कानून शोर से ज्यादा जोर से बोलता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया गया है, जबकि इस मामले में न तो कोई एफआईआर है और न ही कोई ठोस आधार। खरगे के मुताबिक, पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं पर भी इसी तरह एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जा रहा है ताकि राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके।
मंगलवार को कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी द्वारा दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया, जिससे दोनों नेताओं को बड़ी राहत मिली। हालांकि, अदालत ने ईडी को आगे की जांच जारी रखने की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी का मामला भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर आधारित है, न कि किसी प्राथमिकी पर। कांग्रेस का कहना है कि नेशनल हेराल्ड मामला शुरू से ही राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित रहा है और सच्चाई अंततः सामने आएगी।

