महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के बीच गठबंधन की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सत्ताधारी महायुति गठबंधन का हिस्सा होते हुए भी अजित पवार की पार्टी स्थानीय स्तर पर अलग रणनीति अपना सकती है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
इन अटकलों को तब और बल मिला जब एनसीपी (एसपी) की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने दोनों दलों के साथ आने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी मूल विचारधारा नहीं छोड़ी है। सुप्रिया सुले के अनुसार, फिलहाल फोकस पुणे के नगर निकाय चुनाव में मिलकर लड़ने पर है और दोनों पक्षों के नेता इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं।
उधर, विपक्षी खेमे में भी नई रणनीति बनती दिख रही है। कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी बीएमसी और अन्य निकाय चुनावों में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ गठबंधन की संभावना टटोल रही है। ऐसे में अगर पुणे में पवार परिवार एक मंच पर आता है और मुंबई में ठाकरे बंधु साथ दिखते हैं, तो महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

