बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को शराबबंदी और सूखे नशे का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। जदयू एमएलसी वीरेंद्र नारायण यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बिहार सीमा से सटे इलाकों में लगभग हर दस दिन पर नई शराब दुकान खोली जा रही है, जिसका असर बिहार की शराबबंदी पर पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से यूपी, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों से बातचीत कर सीमा पार से शराब की तस्करी रोकने की मांग की। वहीं आरजेडी के एमएलसी सैयद फैसल अली ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद राज्य में शराब उपलब्ध है और सूखे नशे की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा कड़ी करने और अधिक रिहैबिलिटेशन सेंटर खोलने की जरूरत बताई।
सदन में यह भी स्वीकार किया गया कि शराबबंदी के बाद सूखे नशे के मामलों में वृद्धि हुई है। प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने रविंद्र सिंह के सवाल के जवाब में इसे माना। जदयू एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि स्कूल छोड़ चुके बच्चे सूंघने वाले नशे की चपेट में आ रहे हैं और उनकी जिंदगी बर्बाद हो रही है। सीपीआई की एमएलसी शशि यादव ने नेपाल सीमा और पटना के कुछ इलाकों में बच्चों द्वारा सॉल्यूशन सूंघने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब में कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है। यूपी सीमा पर 23, पश्चिम बंगाल पर 8, झारखंड पर 19 और नेपाल सीमा पर 17 चेक पोस्ट सक्रिय हैं, जहां सीसीटीवी और ब्रेथ एनलाइजर लगाए गए हैं तथा एसएसबी के सहयोग से जांच अभियान चल रहा है। उन्होंने बताया कि 2016 से अब तक 10 लाख केस दर्ज हुए, साढ़े चार करोड़ लीटर शराब जब्त की गई और 16 लाख लोगों की गिरफ्तारी हुई। साथ ही 15,800 किलो गांजा, 240 किलो अफीम, 350 किलो चरस और भारी मात्रा में कफ सिरप भी जब्त किया गया है। सरकार ने आने वाले दिनों में ड्रग्स के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने का ऐलान किया है।

