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डॉक्टर अखिलेश सिंह रविवार को संभालेंगे बिहार प्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष पद की कमान,कई चुनौतियों से होगा सामना

पटना:हाल ही में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा बिहार प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जाने के उपरांत पहली दफा बिहार पहुंच रहे प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह रविवार 11 दिसंबर को प्रातः 11:00 बजे दिल्ली से पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे जहां उनका कार्यकर्ता द्वारा भव्य स्वागत करने की तैयारियां जोरों पर है। इस आशय की जानकारी खुद उनके सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा दी गई है जिसमें बताया गया है कि वह रविवार को 11:00 बजे पटना पहुंचेंगे जहां से सीधे बापू सभागार में जाएंगे जहां उनका स्वागत किया जाएगा। बापू सभागार में अखिलेश प्रसाद सिंह के लिए स्वागत समारोह रखा गया है जिसमें बिहार प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की एक बड़ी संख्या के पहुंचने का अनुमान है। तय कार्यक्रम के अनुसार बापू सभागार में स्वागत समारोह के बाद डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह सीधे कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम पहुंचेंगे जहां अपना पदभार ग्रहण करेंगे।

बताते चले के डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह को हाल ही में कांग्रेस आलाकमान ने बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान सौंपी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की रेस में कई नाम चर्चा में थे जिस पर लगातार कई महीनों से मंथन चल रहा था। इस बीच कई महीनों तक अलग-अलग नामों पर चर्चा होती रही और मीडिया के द्वारा अलग-अलग लोगों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान सौंपे जाने की बातें होती रहें लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह को कमान सौंपी है।डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह को राजनीति का एक लंबा अनुभव है और उन्होंने कई बार इसे साबित करके दिखाया भी है।

डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह इस समय राज्यसभा के सांसद हैं कांग्रेस में काफी सक्रिय हैं। कहा  जाता है कि अखिलेश सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे के काफी करीबी हैं।यही वजह है कि उन्हें ये ज़िमेदारी सौंपी गई है। ऐसे में डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह की बिहार कांग्रेस अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद देखने वाली बात यह होगी के अब तक बिहार में तकरीबन हाशिये पर गई कांग्रेस पार्टी किस तरह नए अध्यक्ष के साथ खुद को बदलती है और बिहार में कांग्रेस की अगली दशा और दिशा क्या होगी ये भी देखने वाली बात होगी। डॉ प्रसाद सिंह के अध्यक्ष पद संभालने के बाद यह भी एक चुनौती होगी कि बिहार प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के दरमियां कैसा सामंजस्य बनता है क्योंकि समय-समय पर बिहार कांग्रेस में उठापटक और बयान बाजी के बीच खटपट की खबरें आती रहती हैं।

चुनौतियां

डा. अखिलेश प्रसाद सिंह को नए प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसमें सबसे पहली चुनौती होगी राज्य में पार्टी के लिए जमीन खोजना। इसके अलावा राज्य में पार्टी संगठन को एकजुट रखना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।बिहार सरकार में मंत्री रहे हैं सिंह अखिलेश सिंह साल 2018 से राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं। इससे पहले वह साल 2004 से साल 2009 तक केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार में कृषि, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मामले के राज्यमंत्री थे। इसके अलावा वो बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं।

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