Nationalist Bharat
ब्रेकिंग न्यूज़राजनीति

मुंबई महाराष्ट्र की है, किसी के बाप की नहीं”: देवेंद्र फडणवीस

कर्नाटक के मंत्री जे मधु स्वामी के “मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाओ” टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम मुंबई पर किसी के दावे को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कहा कि मुंबई महाराष्ट्र की है और “किसी के बाप की नहीं.” कर्नाटक के मंत्री जे मधु स्वामी के “मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाओ” टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने यह टिप्पणी की . उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र इस मुद्दे पर कर्नाटक और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखेगा. केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया जाएगा कि वे इस तरह के “हताश लोगों” को फटकार लगाएं. कर्नाटक-महाराष्ट्र के उग्र सीमा विवाद के बीच, मधु स्वामी ने कर्नाटक विधानसभा में महाराष्ट्र पर जोरदार हमला किया था.
मधु स्वामी ने कहा था, “कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के नेताओं ने एक फैसला लिया है और कहा है कि बेलगावी को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए, मैं उन लोगों को बताना चाहता हूं कि देश में दो या तीन ऐसे शहर हैं, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश बनाया जा सकता है. मुंबई उनमें अव्वल है. मुंबई या बॉम्बे प्रेसीडेंसी के समय यह एक केंद्र शासित प्रदेश की तरह था…यदि वे लोग देश का भला चाहते हैं, तो बड़ा दिल दिखाएं और घोषणा करें कि मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा.” कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, ‘हम अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देंगे.’
आज महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए, फडणवीस ने कहा कि राज्य की भावनाओं से कर्नाटक सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अवगत कराया जाएगा. समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “मुंबई महाराष्ट्र की है, किसी के बाप की नहीं.” उन्होंने कहा, ‘हम मुंबई पर किसी के दावे को बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम अपनी भावनाओं को कर्नाटक सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखेंगे.’
विपक्ष के नेता अजीत पवार ने कर्नाटक के मंत्री का नाम लेते हुए इस मुद्दे को उठाया था. भारतीय जनता पार्टी के विधायक लक्ष्मण सावदी ने कहा कि मुंबई कर्नाटक से संबंधित है और उन्होंने मराठी लोगों के घावों पर नमक छिड़का है.” फडणवीस ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में अमित शाह के साथ दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में यह फैसला किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा कोई नया दावा नहीं किया जाएगा. फडणवीस ने कहा, “कर्नाटक के विधायकों या कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी तय बात के विपरीत है. हम मुंबई पर किए गए किसी भी दावे को बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम इसकी निंदा करते हैं.”
कर्नाटक के नेताओं की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों द्वारा मंगलवार को सर्वसम्मति से बेलगाम, करवार बीदर, निपानी, भालकी शहरों और कर्नाटक के 865 मराठी बोलने वाले गांवों की भूमि के “हर इंच” को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए “कानूनी रूप से आगे बढ़ने” के लिए एक प्रस्ताव पारित करने के बाद आई है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यह प्रस्ताव पेश किया था.उन्होंने भी कर्नाटक के नेताओं की टिप्पणी की निंदा की.

एक बार फिर पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक, क्या आपको पता है कितनी टाइट सिक्योरिटी होती है

गोपालगंज: कुख्यात अपराधी विशाल सिंह को कोर्ट परिसर में मारी गई गोली, एक अन्य कैदी घायल

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Nationalist Bharat Bureau

Year Ender 2025: SSC, पुलिस, बैंक, शिक्षक सहित 10 बड़ी भर्तियां, तुरंत भरें फॉर्म

Nationalist Bharat Bureau

बिहार कैबिनेट बैठक: 22 अहम फैसलों पर मुहर, मोकामा को मिला विशेष तोहफा

IPS Kundan Krishnan : IPS कुंदन कृष्णन फिर से लौट रहे बिहार

Nationalist Bharat Bureau

जवनिया पहुंचे दीपंकर भट्टाचार्य, गंगा से कटाव व राहत-बचाव का लिया जायजा

Nationalist Bharat Bureau

BOI Jobs 2022 :बैंक ऑफ इंडिया में करीब 700 नौकरियां, आवेदन शुरू,15 मई 2022 है अंतिम तारीख

बिहार से काँग्रेस के इकलौते सांसद काँग्रेस के नव चिंतन शिविर के वक्ताओं की लिस्ट से गायब

अंचल पदाधिकारी पटना सदर ने गायघाट उत्तरी गली, स्लम बस्ती के मामले में किया जनसुनवाई

Nationalist Bharat Bureau

Leave a Comment