पंजाब में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले राज्य में संगठन को मजबूती देने और पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने की जिम्मेदारी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सौंपी गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सैनी रविवार को पहली बार पंजाब में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सीधा और औपचारिक संवाद करेंगे। वे पटियाला जिले की घनौर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे, जो पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर उनका पहला संवाद होगा।
अपने पंजाब दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सैनी का कार्यक्रम केवल पटियाला तक सीमित नहीं रहेगा। पटियाला से लौटने के बाद वे अपने कैंप कार्यालय में पंजाब के करीब 200 उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे और राज्य में निवेश, उद्योग तथा कारोबारी माहौल को लेकर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे मोहाली में आयोजित विशाल सामूहिक श्री सुंदरकांड पाठ में भी शामिल होंगे। हाल के महीनों में मुख्यमंत्री सैनी लगातार पंजाब में किसान संगठनों, सामाजिक समूहों, युवाओं, कारोबारी संस्थाओं और निहंग संप्रदाय के प्रतिनिधियों से संवाद कर चुके हैं, जिससे उनकी सक्रियता साफ झलकती है।
करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में नायब सिंह सैनी का राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा है। उनकी संतुलित कार्यशैली, शांत स्वभाव और जरूरत पड़ने पर आक्रामक राजनीतिक रुख ने उन्हें पार्टी हाईकमान की नजर में भरोसेमंद चेहरा बना दिया है। यही वजह है कि हालिया विधानसभा चुनावों में उन्हें भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल किया गया। भाजपा का मानना है कि हरियाणा और पंजाब के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और कारोबारी समानताओं के चलते सैनी पंजाब की राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं। उनकी ननिहाल पंजाब में होना, पंजाबी संस्कृति की समझ और सैनी समाज का प्रभाव उन्हें राज्य में एक उपयोगी नेतृत्व विकल्प बनाता है। भाजपा को उम्मीद है कि नायब सिंह सैनी पंजाब में पार्टी के लिए नया सियासी आधार तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

