Rohini Acharya News: लैंड फॉर जॉब घोटाले में अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सियासत में उथल-पुथल मच गई है। लेकिन सबसे बड़ा राजनीतिक झटका कोर्ट के बाहर, लालू परिवार के भीतर महसूस किया जा रहा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत के फैसले के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और मीसा भारती समेत कई नेताओं पर कानूनी शिकंजा कस गया है। इसी बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के बयान ने पारिवारिक और सियासी विवाद को और हवा दे दी है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बिना किसी का नाम लिए इशारों-इशारों में तेजस्वी यादव और उनके करीबी माने जाने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि “बड़ी शिद्दत से खड़ी की गई विरासत को ढहाने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने और कुछ नए बने षड्यंत्रकारी अपने ही काफी होते हैं।” रोहिणी के शब्दों में दर्द भी था और गहरा राजनीतिक कटाक्ष भी। उन्होंने यह भी कहा कि जब अहंकार विवेक पर हावी हो जाता है, तब विनाशक ही आंख-कान बनकर फैसले लेने लगते हैं।
राजनीतिक गलियारों में रोहिणी के इस बयान को तेजस्वी यादव के रणनीतिकार संजय यादव और सोशल मीडिया प्रबंधन से जुड़े रमीज नेमत की ओर इशारा माना जा रहा है। पहले ही तेज प्रताप यादव ‘जयचंद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर भीतरघात के आरोप लगा चुके हैं। अब रोहिणी के खुलकर सामने आने से यह स्पष्ट हो गया है कि मामला सिर्फ कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि राजद के भीतर विरासत, नेतृत्व और वजूद की जंग भी तेज हो चुकी है। राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहे ट्रायल के साथ-साथ पार्टी के अंदर सियासी टकराव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।

