मुजफ्फरपुर: शिवहर जिले के गोपैया गांव के रहने वाले और मुजफ्फरपुर शहर के मालीघाट, सर सैयद कॉलोनी गली नंबर दो, सेक्टर चार में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक मेराज आलम के 11 वर्षीय पुत्र मुहम्मद जिक्रुल्लाह ने हिफ्जे कुरआन मुकम्मल कर लिया है। इस मौके पर रविवार को मस्जिद उस्मान गनी, फैज कॉलोनी, मालीघाट, मुजफ्फरपुर में तकमील-ए-कुरआन की एक तकरीब आयोजित की गई। तकरीब के दौरान मुहम्मद जिक्रुल्लाह की दस्तारबंदी की गई।मुहम्मद जिक्रुल्लाह ने इदारा तहफीजुल कुरआन, फैज कॉलोनी, मालीघाट, मुजफ्फरपुर के उस्ताद कारी मुहम्मद जकी और मौलाना इरफान कासमी की निगरानी में हिफ्जे कुरआन मुकम्मल किया है। तकरीब में अहले खाना, उस्तादों, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने शिरकत करते हुए उसे मुबारकबाद दी और रोशन मुस्तकबिल के लिए दुआएं कीं। इस मौके पर कुरआन करीम की तालीमात और हिफ्ज की अहमियत पर भी रोशनी डाली गई।मुहम्मद जिक्रुल्लाह की कम उम्र में हिफ्जे कुरआन की तकमील को अहले खाना और इदारा तहफीजुल कुरआन के लिए खुशी का सबब बताया गया। मुहम्मद जिक्रुल्लाह के पिता मेराज आलम ने अपने फरजंद की इस कामयाबी पर खुशी का इजहार करते हुए उस्तादों का शुक्रिया अदा किया, जिनकी रहनुमाई और मेहनत से उन्हें कुरआन करीम हिफ्ज करने की सआदत हासिल हुई।

