Nationalist Bharat
ब्रेकिंग न्यूज़

बैंको के राष्ट्रीयकरण के दिन पर राहुल गाँधी का इशारों इशारों में मोदी सरकार पर हमला,बैंकों को ‘बेचे जाने’ संबंधी विधेयक का विरोध करेगी काँग्रेस

नई दिल्ली : आज 19 जुलाई है और आज से करीब 53 साल 19 जुलाई 1969 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत के 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था. आज करीब 50 साल बाद केंद्र की मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करने जा रही है. इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2017 से ही सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का आपस में विलय की योजना बनाई और वर्ष 2019 में 10 बैंकों का आपस में विलय करके 12 बड़े बैंक बनाए गए. इसके बाद वर्ष 2021-22 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव पेश किया, जिसकी प्रक्रिया अब भी जारी है।

बैंको के निजीकरण पर प्रहार करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने सरकार को इशारों इशारों में कटघरे में खड़ा किया है।राहुल गांधी ने लिखा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनाइटेड कमर्शियल बैंक, केनरा बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक – आज भी ये हमारे बैंकिंग सिस्टम की रीढ़ हैं।19 जुलाई 1969, यानी आज ही के दिन, पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने देश की आर्थिक स्थिति को प्रबल करने के लिए 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण करके एक महत्वपूर्ण कदम उठाया था।बैंकों के पास देश की करीब 70 फीसदी पूंजी हुआ करती थी। बैंकों का राष्ट्रीयकरण किसानों, छोटे-मध्यम व्यापारियों, गरीबों और वंचितों के हित में एक ज़रूरी कदम था। इंदिरा जी के नेतृत्व में एक मज़बूत भारत की नींव रखी गई। सरकारों का काम निष्पक्ष होकर देश की धरोहर को बचाना और सबसे कमज़ोर वर्गों को सशक्त करने का होना चाहिए।आज के समय, देश को ऐसी नीतियों की सख़्त ज़रुरत है।

इससे पूर्व कांग्रेस ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर सरकारी बैंकों के निजीकरण का प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि वह बैंकों को ‘बेचे जाने’ संबंधी विधेयक का विरोध करेगी।पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया, ‘‘आज ही के दिन, 53 साल पहले बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ था। यह परिवर्तनकारी बदलाव था। मोदी सरकार ‘भारत बेचे जाओ परियोजना’ के तहत सरकारी बैंकों का भी निजीकरण करना चाहती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को चुनिंदा लोगों को बेचना विनाशकारी होगा। कांग्रेस बैंकों को बेचे जाने संबंधी विधेयक का विरोध करेगी।’’

2019 में 10 बड़े बैंकों का किया गया विलय

एसबीआई के सब्सिडियरी बैंकों का आपस में विलय के करीब दो साल बाद सरकार ने वर्ष 2019 में करीब 10 राष्ट्रीयकृत बैंकों का आपस में विलय कर दिया. वर्ष 2019 में जिन बैंकों का आपस में विलय किया गया, उनमें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया. इसके अलावा, सिंडिकेट बैंक का विलय केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में, इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में और देना बैंक व विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा ऑफ बड़ौदा में विलय किया गया.

देश के कई एयरपोर्ट पर GPS स्पूफिंग की पुष्टि

TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज,सरकार पर भड़के आप प्रवक्ता प्रांजल सिंह,कहा:जनता की नहीं, पुलिसिया दमन की सरकार

Nationalist Bharat Bureau

तीन साल में गुजरात की विकास यात्रा ने छुआ नया मुकाम

Nationalist Bharat Bureau

भारत में कुछ बड़ा होने वाला है,Hindenburg Research की चेतावनी से मचा हड़कंप

दिल्ली में राशन कार्ड के नियम बदले, लाखों परिवारों को राहत

Nationalist Bharat Bureau

The Kashmir Files पर ज्‍यूरी चीफ के विवादित बयान पर इजरायल ने दी सफाई, अनुपम खेर ने जमकर कोसा

Nationalist Bharat Bureau

बिहार कांग्रेस में बड़े बदलाव: कृष्णा अल्लावरू हटे, अविनाश पांडेय बने चुनाव प्रभारी

वीआईपी के बड़े नेता बद्री पूर्वे 50 समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल, मुकेश सहनी पर साधा निशाना

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक नामांकन प्रक्रिया में दोहरा रवैय्या अपनाने का आरोप

Nationalist Bharat Bureau

गुजरात के साणंद में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप, पुलिस ने संभाला मोर्चा

Nationalist Bharat Bureau

Leave a Comment