बिहार कांग्रेस में गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश नेतृत्व और असंतुष्ट गुट के बीच टकराव तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि कुछ नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होकर जिला भ्रमण कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को भ्रमित कर रहे हैं। नेतृत्व ने जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे लोगों के नाम शीघ्र प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति को भेजे जाएं, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ऐसे तत्वों से दूरी बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस ने जिन नेताओं के नाम गिनाए हैं, उनमें छत्रपति यादव, आनंद माधव, सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, राजकुमार राजन, नागेंद्र पासवान विकल, मधुरेंद्र कुमार सिंह, प्रद्युम्न यादव, शकीलुर्रहमान, उर्मिला सिंह, नीलू, सुधा मिश्रा, वसी अख्तर, कैसर खान, कुंदन गुप्ता और राजकुमार शर्मा शामिल हैं। नेतृत्व का कहना है कि इनमें से कई के खिलाफ पहले से अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है और ये लोग संगठन को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।
वहीं, एआईसीसी सदस्य आनंद माधव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों का दौरा कर रहे हैं और उन्हें कार्यकर्ताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके बढ़ते प्रभाव से प्रदेश नेतृत्व भयभीत है। आनंद माधव ने 17 मार्च को पटना में सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की, जिसमें सभी 40 जिला संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। उनका कहना है कि मतभेद दूर करने के लिए संवाद जरूरी है और पार्टी नेतृत्व को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

